
दोराहा में माघी राम एंड संस बी-फार्म का पंजाब के प्रशासनिक सचिव बागवानी ने किया दौरा
मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने, शहद उत्पादकों को सुविधाएं देने और नई तकनीक पर चर्चा; शहद को भावांतर योजना में शामिल करने सहित कई अहम मुद्दे उठे
दोराहा, लुधियाना 5 अक्टूबर ( मुदित मोहिंद्रा )
पंजाब के प्रशासनिक सचिव, बागवानी विभाग अर्शदीप थिंद ने दोराहा स्थित माघी राम एंड संस (बी-फार्म) का दौरा किया। इस दौरान मधुमक्खी पालन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। माघी राम एंड संस की ओर से जतिंदर जी ने मधुमक्खी पालन से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों और भविष्य में इस व्यवसाय को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रशासनिक सचिव के समक्ष रखे।
बैठक में मधुमक्खी के मोम (Bee Wax) की टेस्टिंग और फलों की कोटिंग, विशेषकर किन्नू, में इसके उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा मधुमक्खी कॉलोनियों में बी बीटल (Bee Beetle) की समस्या और सूखे की स्थिति में इसके नियंत्रण के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस संबंध में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के एंटोमोलॉजी विभाग से तकनीकी सहयोग लेने का सुझाव दिया गया।
शिवालिक हनी को GI टैग दिलाने पर जोर
चर्चा के दौरान शिवालिक हनी को GI टैग दिलाने तथा इसके उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित डाटाबेस तैयार करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इसके लिए पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर (PBTI) की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
मधुमक्खी पालन से जुड़े उत्पादों में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका और यूरोप में एक्सपोजर विजिट करवाने का सुझाव दिया गया, ताकि पंजाब के मधुमक्खी पालक शहद और इससे बनने वाले अन्य उत्पादों की आधुनिक प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग तकनीकों से परिचित हो सकें।
मधुमक्खी पालकों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने की मांग
बैठक में MIDH योजना के साथ राज्य सरकार की अतिरिक्त वित्तीय सहायता (Top-up) देने तथा मधुमक्खी के बक्सों और अन्य उपकरणों पर सहायता बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके साथ ही मधुमक्खी कॉलोनियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए मोबाइल वैन उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया गया।
इसके अलावा शहद को भावांतर योजना में शामिल करने, एक एकड़ तक क्षेत्र में स्थापित होने वाली हनी प्रोसेसिंग एवं उपकरण निर्माण इकाइयों के लिए CLU में राहत, तथा आधुनिक मधुमक्खी पालन उपकरणों के लिए रिसर्च एवं डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
लंबित नेशनल बी बोर्ड प्रोजेक्ट जल्द जमा करवाने पर जोर
बैठक में सभी जिलों से संबंधित लंबित नेशनल बी बोर्ड परियोजनाओं को जल्द से जल्द जमा करवाने का मुद्दा भी उठाया गया, ताकि मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों और उद्यमियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
इस दौरे को पंजाब में मधुमक्खी पालन को आधुनिक तकनीक, बेहतर वित्तीय सहायता और नए बाजारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस अवसर पर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर दलवीर सिंह,एच डी ओ बलजीत सिंह,सब इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ,बूटा सिंह गिल वाइस प्रधान पायल हाजिर थे।