ऑक्सफोर्ड सीनियर स्कूल, पायल में धूमधाम से मनाया गया तीज उत्सव
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई
तीज समारोह की रौनक
पायल, 9 अगस्त 2026 ( प्रीति वर्मा ) ऑक्सफोर्ड सीनियर स्कूल, पायल द्वारा होटल निशान, गाँव रौणी में तीज उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। पंजाबी संस्कृति और लोक परंपराओं को समर्पित इस रंगारंग समारोह में विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए तीज के पारंपरिक उल्लास को जीवंत कर दिया।
समारोह का शुभारंभ विद्यालय की ओर से सरदार किरनप्रीत सिंह धालीवाल, श्रीमती मनमीत कौर एवं श्रीमती नवनीत कौर मान के स्नेहपूर्ण स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विजय कपूर एवं डीन अकादमिक्स श्री अशोक गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। गणमान्य अतिथियों के आगमन एवं उनकी गरिमापूर्ण उपस्थिति से समारोह की भव्यता में चार चाँद लग गए तथा विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों का उत्साह और भी बढ़ गया।
समारोह में विद्यार्थियों ने अपनी *सुरमयी आवाज़, नृत्य-कला और शानदार मंचीय प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। युगल एवं एकल गीतों से लेकर समूह गीत, पंजाबी लोक नृत्य, गिद्धा और ओपन डांस तक विभिन्न प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंग भर दिया।* विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा के साथ-साथ पंजाबी लोक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की। विशेष रूप से गिद्धे की थाप और लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थितजनों को खूब आनंदित किया और पूरा परिसर खुशियों, उमंग एवं तालियों की गूंज से सराबोर हो उठा।
तीज उत्सव के पारंपरिक उल्लास को जीवंत करते हुए समारोह में लोकगीतों, संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से पंजाबी लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक मूल्यों की सुंदर झलक प्रस्तुत की। पारंपरिक रंगों और लोक कलाओं से सजे इस आयोजन ने सभी को पंजाब की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवाया।
समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने सभी विद्यार्थियों को स्मृति-स्वरूप उपहार भेंट कर उनके उत्साह को दोगुना कर दिया। इस स्नेहपूर्ण पहल से विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और तीज उत्सव की मधुर स्मृतियाँ उनके साथ जुड़ गईं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री विजय कपूर* ने कहा कि विद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी परंपराओं, लोक संस्कृति और विरासत को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उनके आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। अंततः तीज उत्सव लोक संस्कृति, परंपरा, संगीत, नृत्य और सामूहिक आनंद का मनोहारी संगम बनकर उभरा। समारोह ने विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों के बीच उत्साह और आपसी सौहार्द की भावना को और मजबूत किया तथा सभी के लिए यादगार स्मृतियाँ छोड़ गया।