धान की पैदावार कम होने से किसानों को भारी नुकसान, सरकार किसानों की मदद के लिए आगे आए – अखिल भारतीय किसान सभा-1936
दोराहा लुधियाना 227 अक्टूबर (मुदित मोहिंद्रा) – जहां पंजाब के नदियों के किनारे के लोगों को फसलों और घरों के नष्ट होने से भारी नुकसान हुआ है, वहीं पंजाब के बाकी हिस्सों में धान की पैदावार भी बहुत कम हुई है। किसान को प्रति एकड़ लगभग पांच से दस क्विंटल ही उपज मिल रही है। ऐसे हालात में सरकार को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। प्रेस को यह बयान जारी करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा-1936 के जिला अध्यक्ष जसवीर झज्ज और महासचिव चमकौर सिंह ब्रह्मी ने कहा कि ऐसी खराब स्थिति में आम किसान और अधिक कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। इसलिए हम पंजाब सरकार से मांग करते हैं कि इस नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मुआवजा दिया जाए और पर्याप्त ब्याज मुक्त ऋण दिया जाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दूसरी ओर, कई जगहों और मंडियों में, किसानों को अधिक कीमतों के बहाने बहुत परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार संयुक्त किसान मोर्चा के साथ विचार-विमर्श करके एक उपयुक्त कृषि नीति बनाए ताकि ऐसी खराब स्थिति में घाटे की भरपाई की जा सके। गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद किसानों को सही दर पर और बिना किसी अतिरिक्त उपकरण के उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर डॉ. गुलजार सिंह पंधेर, जंग सिंह सिरथला, नछत्तर सिंह पंधेरखेड़ी, गुरमेल सिंह मेली, परमजीत सिंह डुगरी, केवल सिंह मजालियां, जस्सा बिलगा, गुरनाम सिंह बहादुरके, आत्मा सिंह कोटाला, मनजीत सिंह पौट, मनु ब्यानी, जगजीत सिंह ब्यानी, मनजीत सिंह मंसूरां, दान सिंह ओशाना, भरपूर सिंह सावड़ी आदि उपस्थित थे।
फोटो – अखिल भारतीय किसान सभा-1936 के जिला अध्यक्ष जसवीर झाझ व महासचिव चमकौर सिंह ब्रह्मी