पंजाब बंद को दोराहा में भरपूर समर्थन, सफाई कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और तेज, ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने की उठी मांग
दोराहा, 30 जुलाई (प्रीति वर्मा ): पंजाब बंद के आह्वान को दोराहा शहर में व्यापक समर्थन मिला। सफाई कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और लंबे समय से लंबित अपनी जायज मांगों को तुरंत लागू करने की मांग की। इस दौरान दोराहा के बाजार पूरी तरह बंद रहे तथा व्यापारियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के नेता रॉकी सहोता ने कहा कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से हड़ताल पर हैं, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा कई दौर की बैठकों के बावजूद आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आश्वासन दे रही है, जबकि कर्मचारियों की मांगों पर जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन, पुतला फूंकने और अन्य संघर्ष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से किसी प्रकार की महामारी या संक्रामक बीमारी फैलती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। रॉकी सहोता ने सरकार के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सफाई कर्मचारियों की मांगें मान लेने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछली बैठकों में भी केवल लिखित आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक एक भी मांग को अमल में नहीं लाया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता दीपी मांगट ने भी सफाई कर्मचारियों के संघर्ष का समर्थन करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में यदि सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है तो डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। वक्ताओं में कुलविंदर सिंह लहल ने पंजाब सरकार से अपील की कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार किया जाए, ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त कर कर्मचारियों को स्थायी रोजगार तथा उनके सभी अधिकार दिए जाएं, ताकि वे सम्मान और सुरक्षा के साथ अपनी सेवाएंदे सकें।